प्रपन्नामृत – अध्याय ६७
श्रीयतिराज का परमधाम गमन 🔹श्रीरंगम निवासी सभी श्रीवैष्णवोंके पुछनेपर यतिराज ने सबको कर्तव्य का आदेश दिया। 🏼 लोकसुख प्रारब्धाधीन और मोक्षसुख भगवत्संकल्पाधीन होने के कारण दोनों के विषय में निश्चिन्त रहना चाहिये। 🏼 ऐसे प्रपञ्चोंमें पडनेसे शरणागति व्यर्थ हो जाती है। 🏼 आपलोगोंको मोक्ष का उपाय मानकर कोई कर्म नही करना चाहिये अपितु भगवत् कैंकर्य … Read more