प्रपन्नामृत – अध्याय ४८
प्रपन्नामृत – अध्याय ४८ यतिराज श्रीरामानुजाचार्य द्वारा यादवाद्रि पर श्रीसम्पत् कुमार भगवान की प्रतिष्ठा 🔹यतिराज जब सम्पतकुमार भगवान को लेकर दिल्ली से यादवाद्रि आरहे थे तब मार्गमें ही वह राजकन्या भगवान के श्रीविग्रहमें विलीन होगयी। 🔹तत्पश्चात श्रीनारायणपुर पहुँचकर यतिराज नें विधीपुर्वक सम्पतकुमार भगवान का संप्रोक्षण करके मूलमुर्ति के समीप प्रतिष्ठित कर दिया। 🔹राजकन्या की भी … Read more