प्रपन्नामृत – अध्याय २९
प्रपन्नामृत – अध्याय २९ श्रीरामानुजाचार्य की वेंकटाचल यात्रा 🔸उधर आचार्य नहीं आयेंगे यह सुनकर रामानुजाचार्य का धनी शिष्य दु:खी हुवा और रामानुजाचार्य के सन्निकट जाकर चरणोंमें गिरकर रोने लगा। 🔸रामानुजाचार्य बोले, ✅पंचसंस्कार, भगवान की सेवा, अर्थपंचक विज्ञान गुरुकृपा से ही प्राप्त होता है, परंतु आत्मोज्जीवन के लिये श्रीवैष्णव अतिथियोंका पूजन आवश्यक है। ✅थके माँदे वैष्णवोंको … Read more