श्रीवचनभूषण – सूत्रं १४
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्रीवानाचल महामुनये नम: पूरी शृंखला पूर्व अवतारिका कृपा के विषय पर कहने के पश्चात श्रीरामायण की महानता कैसे प्रगट होती हैं यह समझाने के पश्चात श्रीपिळ्ळै लोकाचार्य स्वामीजी दयापूर्वक बताते हैं कि महाभारत में उपाय की महानता कैसे प्रगट होती हैं। सूत्रं – १४ अऱियाद अर्थङ्गळै … Read more