यतीन्द्र प्रवण प्रभावम – भाग १४
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम << भाग १३ श्रीरङ्गनाथ भगवन का मन्दिर से उत्प्रवास करना जबकि श्रीपिळ्ळैलोकाचार्य स्वामीजी प्रमाण (प्रामाणिक ग्रन्थ जैसे वेद, आदि), प्रमेय (भगवान) और प्रमातृ (कई ग्रन्थ के लेखक) के गौरव को बनाने में लगे थे ताकि सभी चेतन उपर उठ सके और वह भगवान श्रीरङ्गनाथ … Read more