द्रमिडोपनिषद प्रभाव् सर्वस्वम् 24
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः द्रमिडोपनिषद प्रभाव् सर्वस्वम् << भाग 23 आळ्वारों के श्रीसूक्तियों (अरुलिच्चेयल्) से मूल सिद्धान्त का निरूपण उपनिषदों मे ऐसे कई विभिन्न वेदवाक्य है जो विभिन्न अर्थों को व्यक्त करते है | उनमे से कुछ वाक्य जीव और परमात्मा का भेद नही करते है (जीव और परमात्म … Read more