श्रीः। श्रीमते शठकोपाय नमः। श्रीमते रामानुजाय नमः। श्रीमद् वरवरमुनये नमः।
“नम्माऴ्वार्” दिव्य नाम की महिमा
शठकोप स्वामी को ही नम्माऴ्वार् के नाम से जाना जाता है। परमाचार्य मणवाळ मामुनिगळ् (वरवरमुनि स्वामी) अपने उपदेश रत्नमालै के ५०वें पाशुर में कहते हैं- “नम्पॆरुमाळ्, नम्माऴ्वार्, नन्जीयर्, नम्पिळ्ळै। ऎन्बर् अवरवर् तम् एट्रत्ताल्” । इस सूक्ती में चार महान दिव्य विभुतीयों (महानुभावों) का उल्लेख है, जिनके नाम के पूर्व “नम्” पद लगता है।नम्पॆरुमाळ् (भगवान श्रीरंगनाथ का उत्सव विग्रह), नम्माऴ्वार् (शठकोप स्वामी), नन्जीयर् (वेदांती स्वामी), नम्पिळ्ळै (कलिवैरी दास स्वामी)। इन चारों महापुरुषों के नामों के पूर्व “नम्” पद का प्रयोग किया गया है।
“नम्” का अर्थ है- “मेरे / मेरा”। यह शब्द अत्यन्त आत्मीयता, स्नेह, ममत्व और गहन सम्बन्ध का द्योतक है। जैसे हम प्रेमपूर्वक कहते हैं- “मेरे स्वामी”, “मेरे प्रभु”, वैसे ही यहाँ “नम्” शब्द द्वारा विशेष अनुराग और ममत्व प्रकट किया गया है।
उक्त पाशुर का अर्थ दो प्रकार से किया जाता है।
प्रथम अर्थ यह है कि नम्पॆरुमाळ् ने शठकोप स्वामी को प्रेमपूर्वक “नम्माऴ्वार्” (मेरे आऴ्वार्) कहा, और उसी प्रकार नन्जीयर् ने कलिवैरि दास स्वामी को “नम्पिळ्ळै” (मेरे पिळ्ळै) कहकर सम्बोधित किया।
द्वितीय अर्थ यह है कि अनेक आचार्य और महापुरुष इन दिव्य व्यक्तित्वों को विशेष आत्मीयता के साथ सम्बोधित करते थे- श्रीरंगनाथ को “नम्पॆरुमाळ्” (मेरे पेरुमाळ्),शठकोप स्वामी को “नम्माऴ्वार्” (मेरे आऴ्वार्), वेदान्ति जीयर को “नम् जीयर्” (मेरे जीयर्), तथा कलिवैरि दास स्वामी को “नम्पिळ्ळै” (मेरे पिळ्ळै) कहा जाता था। यहाँ “पिळ्ळै” शब्द किसी साधारण बालक के अर्थ में नहीं, अपितु एक महान एवं आदरणीय व्यक्तित्व के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है।
इन दोनों व्याख्याओं में जो विषय समान है, वह यह कि “नम्” शब्द का गहन प्रेम, ममत्व, आत्मीयता और विशेष अनुराग का सूचक है। यही अनुपम स्नेह और श्रद्धा शठकोप स्वामी के प्रति प्रकट की गयी है। उनके दिव्य गुणों, उनकी अद्वितीय महिमा तथा समस्त जीवों पर किए गए महान उपकार के कारण ही वे “नम्माऴ्वार्” – अर्थात् “मेरे आऴ्वार्” के नाम से विख्यात हुए।
अगले लेखों में हम श्री शठकोप स्वामी के अन्य दिव्य नामों के अर्थ और महिमा का रसास्वादन करेंगे।
अडियेन् श्यामसुंदर रामानुज दास
आधार – https://granthams.koyil.org/2026/06/13/nammazhwar-divine-names-nammazhwar-english/
प्रमेय (लक्ष्य) – https://koyil.org
प्रमाण (शास्त्र) – https://granthams.koyil.org
प्रमाता (आचार्य) – https://acharyas.koyil.org
श्रीवैष्णव शिक्षा/बालकों का पोर्टल – https://pillai.koyil.org