श्रीवचन भूषण – सूत्रं ७७
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्रीवानाचल महामुनये नम: पूरी श्रृंखला << पूर्व अवतारिका श्रीपिळ्ळै लोकाचार्य स्वामीजी ७४वें सूत्र से ७६वें सूत्र तक जिसे समझाया गया उसे आगे समझाते हैं। सूत्रं – ७७ अहङ्कारम् आगिऱ आर्प्पैत् तुडैत्ताल् आत्मावुक्कु अऴियाद पेर् अड़ियान् एन्ऱिऱे। सरल अनुवाद जब अहंकार का मैल धुल जायेगा, तब आत्मा को … Read more