यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग ५७
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग ५६ श्रीवरवरमुनि स्वामीजी ने श्रीवानमामलै जीयर् स्वामीजी और अन्य श्रीवैष्णवों को अप्पिळ्ळै और अप्पिळ्ळार् को लाने के लिये भेजा। वें भी कृपाकर उन्हें लाने के लिये निकल पडें और उनके आने कि सूचना पहिले ही अप्पिळ्ळार् के पास बिजवा दिया। अप्पिळ्ळार् … Read more