द्रमिडोपनिषद प्रभाव् सर्वस्वम् 17
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः द्रमिडोपनिषद प्रभाव् सर्वस्वम् << भाग 16 मूल लेखन – पेरुमाल कोइल श्री उभय वेदांत प्रतिवादि अन्नन्गराचार्य स्वामी अद्वितीय वात्सल्य शरणागति गद्य में “अखिलहेय” जो शुरू होता हैं उसमे श्री रामानुज स्वामीजी भगवान को विभिन्न नामों से बुलाते हैं। यह सारे नाम सिर्फ बुलाने के लिए … Read more