प्रपन्नामृत – द्वितीय अध्याय
भगवद्रामानुजाचार्य का अवतार तोंडीर प्रदेश में सर्वसम्पन्न भूतपुरी नामक एक नगरी है। इसी नगरीमें सर्वगुणविभूषित हारीत कुलोद्भूत केशवाचार्य नामक भगवद् ध्यान निमग्न वैष्णवोत्तम ब्राह्मण निवास करते थे। उनकी धर्मपत्नी कीन्तिमती देवी थी। एक दिन भगवान पार्थसारथी नें उन्हे स्वप्न दिया की, “मैं ही अपने अंश से आपके पुत्र के रूप में अवतार लूँगा। चैत्र शुक्ल … Read more