प्रपन्नामृत – अध्याय २५

प्रपन्नामृत – अध्याय २५ शारदाशोकनाशक श्रीरामानुजाचार्य का यज्ञमूर्ति को पराजित करना 🔺यज्ञमूर्ति नामक मायावादी सन्यासी रामानुजाचार्य को वादविवादमें पराजित करने के लिये आये। 🔺साथमें बहोतसारे ग्रंथ गाडीपर लादकर ले आये। 🔺वादविवाद १८ दिन तक चला। 🔺यज्ञमूर्ति की कुयुक्तियोंके कारण श्रीवैष्णव दर्शन पराजित होजायेगा ऐसा प्रतीत हो रहा था। 🔺रामानुजाचार्य ने वरदराज भगवान को सम्प्रदाय के … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय २४

प्रपन्नामृत – अध्याय २४ यतीन्द्र श्रीरामानुजाचार्यजी के विषप्रदान 🔹रामानुजाचार्य गद्यत्रय तथा भगवदाराधन विधी की रचना कर “श्रीमन्नारायण ही परतत्व हैं” इस बात को सिद्ध करदिये। 🔹रामानुजाचार्य का यह शासन कुछ अर्चकोंको यह बन्धन सा प्रतीत होने लगा। 🔹उनमेसे प्रधान अर्चकने किसी लोभी ब्राह्मण को रामानुजाचार्य को विष देनेको कहा। 🔹लोभी ब्राह्मण की पत्नी ने अपनी … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय २३

प्रपन्नामृत – अध्याय २३ परमपुरुषार्थ के साधनभूत रहस्य 🔸गोष्ठीपुर्ण स्वामीजी के आदेश से रामानुजाचार्य श्री मालाधर स्वामीजी से सहस्रगीति का व्याख्यान नित्यप्रति सुनने लगे। 🔸एकबार रामानुजाचार्य ने एक गाथा के अर्थ पर आपत्ति दर्शायी। 🔸मालाधर स्वामीजी ने तभीसे सहस्रगीति का कालक्षेप बंद कर दिया। 🔸गोष्ठीपुर्ण स्वामीजी ने मालाधर स्वामीजी से कहा “रामानुजाचार्य श्री यामुनाचार्यजी के … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय २२

प्रपन्नामृत – अध्याय २२ यतीन्द्र श्रीरामानुजाचार्य द्वारा श्रीकुरेश तथा श्रीदाशरथि स्वामी को चरम श्लोकोपदेश 🔷श्री कुरेश स्वामीजीके प्रार्थना करनेपर श्रीरामानुजाचार्य ने उन्हे एक मास का उपवास करवाकर फिर चरम श्लोकार्थ प्रदान किया। 🔷श्री दाशरथि स्वामीजीनें भी चरम श्लोकार्थ के लिये प्रार्थना की। 🔷रामानुजाचार्य नें उन्हे गोष्ठीपुर्ण स्वामीजी के पास जानेके लिये कहा। 🔷श्री दाशरथि स्वामीजी … Read more

प्रपन्नामृत -अध्याय २१

प्रपन्नामृत -अध्याय 21 🔸शारदा शोक नाशक श्रीरामानुजाचार्य का गोष्ठीपुर्ण स्वामीजी से मन्त्रार्थ प्राप्त करना🔸 🔺रामानुजाचार्य अपने दो शिष्य कुरेश और दाशरथि के साथ गोष्ठीपुर्ण स्वामीजी से मन्त्रार्थ प्राप्त करने आये। 🔺गोष्ठीपुर्ण स्वामीजी ने कहा, “मैंने आपको अकेले आने के लिये कहा था”। 🔺रामानुजाचार्य बोले, “दाशरथि मेरे त्रिदण्ड तथा कुरेश मेरे यज्ञोपवीत के प्रतीक हैं जो … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय १८

प्रपन्नामृत – अध्याय 18 🔷श्री शैलपूर्णाचार्य स्वामी का गोविन्दाचार्यजी को श्रीवैष्णव बनाना🔷 🔺रामानुजाचार्य के मौसेरे भाई गोविन्दाचार्य माया से प्रभावित होकर कालहस्तिमें शिव आराधना करने लगे थे। 🔺उनके उज्जीवनार्थ रामानुजाचार्य श्रीशैलपुर्णाचार्य को पत्र लिखे। 🔺श्रीशैलपुर्णाचार्य कुछ शिष्योके साथ कालहस्तिपुर के लिये प्रस्थान किये। 🔺जिस जलाशयमें गोविन्दाचार्य प्रतिदिन शिव आराधना के लिये जल लेने आते थे … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय २०

प्रपन्नामृत – अध्याय 20 श्रीरामानुजाचार्य का मन्त्रार्थ प्राप्ति के लिए गोष्ठिपुर जाना 🔹एक दिन श्रीरामानुजाचार्य ने श्री महापुर्णाचार्य स्वामीजी को रहस्यात्मक तत्वोंके उपदेश के लिए प्रार्थना की। 🔹श्रीमहापुर्णाचार्य स्वामीजी ने मूलमन्त्र और द्वयमन्त्र की महिमा वर्णन किया तथा मन्त्रोंके रहस्य अर्थ गोष्ठिपुर में गोष्ठीपुर्ण स्वामीजी से प्राप्त करनेकी आज्ञा प्रदान की। 🔹रामानुजाचार्य ने श्री गोष्ठीपुर्ण … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय १९

प्रपन्नामृत – अध्याय 19 गोविन्ददास का श्रीशैलपुर्णाचार्य स्वामी से समाश्रित होना 🔹श्रीशैलपूर्णाचार्य स्वामीजी कालहस्तिपुर आकर सुवर्ण मुखरी जलाशय के निकट सहस्रगीति का कालक्षेप सुनाने लगे। 🔹वहीं शिवजी की सेवा के लिये पुष्प चुनने गोविन्दाचार्य आये और १४ वें गाथा में सुनें, “⚡जिन भगवान विष्णु के नाभिकमलसे ब्रह्मा उत्पन्न होते हैं,⚡जो चराचर समस्त जगत् के एकमात्र … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय १७

प्रपन्नामृत –  अध्याय 17 भगवान श्री रंगनाथ द्वारा यतिराज को विभूतिद्वय प्रदान 🔹यतिराज श्रीरंगम पहुंचे तो श्री रंगनाथ भगवानने विविध वाद्यघोषों के तथा वेदपाठी ब्राह्मणों के साथ उनका सम्मान करनेका आदेश श्री महापुर्णाचार्य को किये। 🔹श्री रंगनाथ भगवान भी स्वागत के लिये आगे आये। 🔹भगवान बोले, “नित्य विभूति और लीला विभूति दोनोंकी अबतक मैंने रक्षा … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय १६

प्रपन्नामृत –  अध्याय 16 यतिराज का श्रीरंगम् प्रयाण 🔸यतिराज रामानुजाचार्य काञ्चीपुरी के भक्तोंके दोषोंको दूर करके उनके बीच वैकुण्ठनाथ भगवान की तरह सुशोभित हुये। 🔸यतिराज के मामा श्रीशैलपुर्णाचार्य स्वामीजी रंगनाथ भगवान से प्रार्थना किये की वें रामानुजाचार्य को श्रीरंगम् बुला लें। 🔸रंगनाथ भगवान ने वरदराज भगवान की सेवामें पत्र भेजकर रामानुजाचार्य को भेजनेके लिये निवेदन … Read more