प्रपन्नामृत – अध्याय ४६
प्रपन्नामृत – अध्याय ४६ पिशाच बाधा से राजकन्या की मुक्ति 🔹यतिराज मैसुर राज्य के शालग्राम नामक ग्राम में आये। 🔹यहाँके सभी लोग मायावादमें आकण्ठ डुबे हुये थे। 🔹उनपर कृपा करनेके लिये यतिराजनें दाशरथि स्वामीजी को कहा की ग्राम का मुख्य तालाब है जहाँसे सभी ग्रामवासी जल ग्रहण करते हैं, उस तालाबमें अपने चरण प्रक्षालन करके … Read more