प्रपन्नामृत – अध्याय ३६
प्रपन्नामृत – अध्याय ३६ श्रीरामानुजाचार्य की तीर्थयात्रा 🔹रामानुजाचार्य का दृढव्रत देखकर जगन्नाथ भगवान ने सोचा की अगर सेवा पद्धति बदलदी गयी तो मेरे आश्रित यह अर्चक वृत्तिहीन होकर कष्ट भोगेंगे। 🔹उसी रात्रिमें भगवान ने रामानुजाचार्य को निद्रा में ही जगन्नाथपुरी से दूर कूर्मस्थलमें पहुँचाया। 🔹यतिराज विस्मित हुये परंतु कुर्मनायक भगवान की आज्ञा से वहाँ बिराजे … Read more