प्रपन्नामृत – अध्याय ४२
प्रपन्नामृत – अध्याय ४२ आचार्य कृपा ही मोक्ष का उपाय है 🔹श्री महापुर्णाचार्य स्वामीजीने आचार्य आज्ञा से मानेरनम्बि नामक क्षुद्र कुलोत्पन्न महात्मा का ब्रह्ममेध विधी से दाह संस्कार किया। 🔹समस्त रुढिवादी ब्राह्मणोंने धर्म विरुद्ध कार्य बताकर उनकी निन्दा की और उनको पतित मानने लगे। 🔹श्रीमहापूर्णाचार्य की पुत्री अतुलायी ने सभी लोगोंके सामने कहा, “मेरे … Read more