यतीन्द्र प्रवण प्रभावम – भाग २३
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम << भाग २२ अततस्य गुरुः श्रीमान मत्वादं दिव्य तेजसम्। अभिरामवरादीश इति नाम समाधिशत्॥ (उस बालक को दिव्य दीप्ति प्राप्त हैं यह मानकर अण्णर उस बालक के पिताजी और एक श्रीमान (जो भगवान का कैंकर्य करते हैं) ने उस बालक को अऴगियमणवाळप्पेरुमाळ का दिव्य नाम … Read more