वरदराज भगवान् आविर्भाव कि कहानी १४ – ३
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः वरदराज भगवान् आविर्भाव कि कहानी << भाग १४ -२ उदारचरित और शानदार पेररुराळन् (वरदराज भगवान्) ब्रह्मा की श्रद्धा और भक्ति को स्वीकार करते हुए एक मुस्कुराहट दिया था। ब्रह्मा ने भी भगवान की उदारता और करुणा पर विचारमग्न होके नमस्कार किया। “हे भगवान! आमुधल्वा (सर्वप्रथम और सर्वाधिक)! यह … Read more