प्रपन्नामृत – अध्याय ५६
श्री अनन्त आलवान की कैंकर्य निष्ठा 🔹यतिराज के एक शिष्य श्री अनन्तालवान स्वामीजी यतिराज के आज्ञा से वेंकटाचलपर “रामानुज सरोवर” की खुदाई कर रहे थे। 🔹उनकी पत्नी टोकरीमें मिट्टी भरकर दूर डाल रही थी। 🔹एक बालक सहायता के लिये आया तो अपना कैंकर्य बिगडता देखकर स्वामीजी ने उसे चले जाने के लिये कहा। 🔹तब वह … Read more