यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग ६३
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग ६२ जब श्रीप्रतिवादी भयङ्कर् अण्णा स्वामीजी श्रीवेङ्कटेश भगवान के तिरुवाराधनम् में तिरुमञ्जनम् के लिये आकाशगङ्गा से जल लाने कि सेवा कर रहे थे तभी श्रीरङ्गम् से एक श्रीवैष्णव तिरुमला से श्रीवेङ्कटेश भगवान कि पूजा करने पधारे। अण्णा स्वामीजी ने उन श्रीवैष्णव कि … Read more