श्री वैष्णव लक्षण – ८
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवर मुनये नमः श्री वानाचल महामुनये नमः श्री वैष्णव लक्षण << पूर्व अनुच्छेद श्रीवैष्णवों की श्रेष्ठता को समझना – (भाग–१) पिछले लेख में हमने कई विशय के अपचारों के बारें में चर्चा की थी| हर एक श्री वैष्णव को इन अपचारों से बचने में ध्यान देना चाहिए। उन सभी … Read more