श्रीवचन भूषण – सूत्रं १४५
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचल महामुनये नम: पूरी श्रृंखला << पूर्व अवतारिका जब उनसे पूछा गया कि “इन व्यक्तित्वों में ये सिद्धांत कैसे दिखाई देते हैं?” तो श्रीपिळ्ळै लोकाचार्य स्वामीजी कृपापूर्वक समझाते हैं। सूत्रं – १४५ श्री भरताऴ्वानुक्कु, नन्मैदाने तीमैयाय्त्तु; श्री गुहप्पॆरुमाळुक्कु तीमैदाने नन्मैयाय्त्तु। सरल अनुवाद श्रीभरतजी के लिए अच्छे … Read more