श्री शठकोप स्वामी (नम्माऴ्वार्) के दिव्य नाम – कारीमाऱन्, तिरुनावीरुडैय पिरान्
श्रीः। श्रीमते शठकोपाय नमः। श्रीमते रामानुजाय नमः। श्रीमद्वरवरमुनये नमः। पूरी श्रृंखला << पूर्व ५. कारीमाऱन् जैसा कि पूर्व नाम “माऱन्” में वर्णित है, माऱन् का अर्थ है – जो सामान्य सांसारिक लोगों से सर्वथा भिन्न हो, जिसका मन जन्म से ही विषय-भोगों में न जाकर (प्रवृत्त न होकर) केवल भगवान में अनुरक्त हो। “कारीमाऱन्” नाम … Read more