द्रमिडोपनिषद प्रभाव् सर्वस्वम् 23
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः द्रमिडोपनिषद प्रभाव् सर्वस्वम् << भाग 22 श्रीभाष्यकार श्रीरामानुज स्वामीजी के दिव्य आलौकिक ग्रन्थों का गंभीरतापूर्वक अध्ययन यह स्पष्ट है कि श्रीरामानुज स्वामीजी के दिव्य ग्रन्थों का अध्ययन कर समझना है तो अध्ययन कर्ता को उनके प्रत्येक अक्षरों को बहुत निगूढ़ता एवं गंभीरतापूर्वक से समझना … Read more