द्रमिडोपनिषद प्रभाव् सर्वस्वम् 13
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः द्रमिडोपनिषद प्रभाव् सर्वस्वम् << भाग 12 मूल लेखन – पेरुमाल कोइल श्री उभय वेदांत प्रतिवादि अन्नन्गराचार्य स्वामी हिंदी अनुवाद – शिल्पा रंदाद गजेन्द्र मोक्ष पिछले भाग में हमने यह देखा कि श्री रामानुज स्वामीजी द्वारा दिया हुआ अनुवाद आल्वार के पद पर ही आधारित हैं: … Read more