तुला मास अनुभव – पिल्लै लोकाचार्य –श्री वचन भूषण- तनियन

श्री: श्रीमते शठकोपाये नम: श्रीमते रामानुजाये नम: श्रीमद वरवरमुनये नम: श्री वानाचल महामुनये नम: तुला मास के पावन माह में अवतरित हुए आलवारों/आचार्यों की दिव्य महिमा का आनंद लेते हुए हम इस माह के मध्य में आ पहुंचे है। इस माह की सम्पूर्ण गौरव के विषय में पढने के लिए कृपया https://granthams.koyil.org/thula-masa-anubhavam-hindi/ पर देखें। श्रीवरवरमुनि स्वामीजी के सुंदर … Read more

तुला मास अनुभव – श्री वरवरमुनि स्वामीजी

श्री: श्रीमते शठकोपाये नम: श्रीमते रामानुजाये नम: श्रीमद वरवरमुनये नम: श्री वानाचल महामुनये नम: हम तुला मास के पावन माह में अवतरित हुए आलवारों/ आचार्यों की दिव्य महिमा का आनंद अनुभव कर रहे है। इस माह के वैभव को जानने के लिए कृपया https://granthams.koyil.org/thula-masa-anubhavam-hindi/ देखें। जैसा कि कहा जाता है “मधुरेन् समापयेत्” – आइये हम … Read more

तुला मास अनुभव – पिल्लै लोकाचार्य – तत्वत्रय

श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः तुला मास के पावन माह में अवतरित हुए आलवारों/आचार्यों की दिव्य महिमा का आनंद लेते हुए हम इस माह के मध्य में आ पहुंचे है। इस माह की सम्पूर्ण गौरव के विषय में पढने के लिए कृपया https://granthams.koyil.org/thula-masa-anubhavam-hindi/ पर देखें। श्रीवरवरमुनि स्वामीजी के सुंदर “व्याख्यान अवतारिका”(व्याख्यान पर … Read more

तुला मास अनुभव – पिल्लै लोकाचार्य – मुमुक्षुप्पडि

श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः तुला मास के पावन माह में अवतरित हुए आलवारों/ आचार्यों की दिव्य महिमा का आनंद लेते हुए हम इस माह के मध्य में आ पहुंचे है। इस माह की सम्पूर्ण गौरव के विषय में पढने के लिए कृपया https://granthams.koyil.org/thula-masa-anubhavam-hindi/ पर देखें। श्रीवरवरमुनि स्वामीजी के सुंदर “व्याख्यान अवतारिका”(व्याख्यान … Read more

तुला मास अनुभव – महद्योगी आलवार – मून्ऱाम् तिरुवंतादी

श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः यह लेख महदयोगी आलवार के मून्ऱाम् तिरुवंतादी के लिए श्रीकलिवैरीदास स्वामीजी द्वारा लिखे गए अवतारिका (प्रस्तावना) का सीधा अनुवाद है। श्री कलिवैरीदास स्वामीजी द्वारा रचयित इन व्याख्यानों को खोजने, उनके प्रकाशन और इन अद्भुत व्याख्यानों पर सुगम तमिल निरूपण प्रदान करने के अथक … Read more

तुला मास अनुभव – भूतयोगी आलवार – इरण्डाम तिरुवंतादी

श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः यह लेख भूतयोगी आलवार के इरण्डाम तिरुवंतादी के लिए श्रीकलिवैरीदास स्वामीजी द्वारा लिखे गए अवतारिका (प्रस्तावना) का सीधा अनुवाद है। श्री कलिवैरीदास स्वामीजी द्वारा रचयित इन व्याख्यानों को खोजने, उनके प्रकाशन और इन अद्भुत व्याख्यानों पर सुगम तमिल निरूपण प्रदान करने के अथक … Read more

तुला मास अनुभव – सरोयोगी आलवार – मुदल तिरुवंतादी

श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः यह लेख सरोयोगी आलवार के मुदल तिरुवंतादी के लिए श्रीकलिवैरीदास स्वामीजी द्वारा लिखे गए अवतारिका (प्रस्तावना) का सीधा अनुवाद है। श्री कलिवैरीदास स्वामीजी द्वारा रचयित इन व्याख्यानों को खोजने, उनके प्रकाशन और इन अद्भुत व्याख्यानों पर सुगम तमिल निरूपण प्रदान करने के अथक … Read more

विरोधी परिहारंगल (बाधाओं का निष्कासन) – ३

श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्रीवानाचलमहामुनये नमः श्रीवादिभीकरमहागुरुवे नमः श्रीवैष्णवों को अपने दैनिक जीवन में कैसी चुनोतियों का सामना करना पड़ता है इसका उपदेश श्रीरामानुज स्वामीजी ने वंगी पुरुत्तु नम्बी को दिया । वंगी पुरुत्तु नम्बी ने उसपर व्याख्या करके “विरोधि परिहारंगल” नामक ग्रन्थ के रूप में प्रस्तुत किया । इस … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय ७०

श्रीभट्टार्य का विजय 🔹श्री पराशर भट्टार्य समस्त शिष्योंके साथ श्रीरंग पट्टण के समीप पहुँचे। 🔹एक ब्राह्मण ने उन्हे कहा की अगर वेदान्ति को मिलना है तो समस्त वैभव को त्यागकर एक याचक के रुपमें उनके अन्नक्षेत्र में मिलें। अन्यथा मिलना दुष्कर होगा। 🔹श्री पराशर भट्टार्य याचक के रुपमें वहाँ गये और वेदान्ति से बोले, “मैं … Read more

प्रपन्नामृत – अध्याय ६९

श्री भट्टार्य का विजय प्रस्थान 🔹श्री यतिराज रामानुजाचार्य ने वेदान्तसार, वेदान्त दीप, वेदार्थ-संग्रह, श्रीभाष्य, गद्यत्रय आदि अनेक ग्रंथोंकी रचना की। 🔹श्री यतिराज के वैकुण्ठ गमन के पश्चात् श्री पराशर भट्टार्य ने श्री गोविन्दाचार्य की सेवा द्वारा शीघ्र ही उभय वेदान्त का ज्ञान संपादन किया। 🔹श्री पराशर भट्टार्य स्वामीजी को ज्ञात हुवा की पश्चिम दिशा में … Read more