यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग ५८
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग ५७ श्रीवरवरमुनि स्वामीजी कृपाकर व्याख्यान कि रचना किये जैसे कि कहा गया हैं “भूत्वा भूयो वरवरमुनिर भोगिनां सार्वभौम श्रीमद रङ्गेवसति विजयी विश्वसंरक्षनार्थम्” (आदिशेष इस संसार के रक्षण हेतु श्रीवरवरमुनि स्वामीजी के रूप में अवतार लिए और भव्य से श्रीरङ्गम् में निवास … Read more