यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग ६६
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग ६५ काञ्ची में स्थायी रूप से रहने के लिये अप्पाच्चीयारण्णा को नियुक्त करना उस स्थान के सभी प्रतिष्ठित जन एक साथ हो गये और श्रीवरवरमुनि स्वामीजी से कहे “क्योंकि श्रीवरवरमुनि स्वामीजी दयापूर्वक यहाँ निवास किये और मङ्गळाशासन् किया इसलिये भगवान ने दिव्य … Read more