यतीन्द्र प्रवण प्रभावम – भाग ४
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम << भाग ३ लगभग उस समय एक व्यक्ति जिन्का नाम देवराज (नम्बूर वरदराजर) था,वह पदुगै चक्रवर्ती मन्दिर के समीप रहता था। उन्हे सभी सामान्य और प्रतिष्ठित जन पसंद करते थे। वह बड़ा दयालु और सत्व गुणों का प्रदर्शन करता था। श्रीवेदांती स्वामीजी को … Read more