श्रीवचन भूषण – सूत्रं २
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचल महामुनये नम: पूरी शृंखला पूर्व अवतारिका श्रीपिळ्ळैलोकाचार्य स्वामीजी दयापूर्वक यह जान रहे हैं कि वेदों के किस खंड को उपर्युक्त साहित्य मे से किस भाग द्वारा निर्धारित किया जाना हैं। सूत्रं २ स्मृतियाले पूर्व भागत्तिल अर्थम् अऱुदिइडक्कडवदु; मट्रै इरण्डालुम् उत्तर भागत्तिल अर्थम् अऱुदियिडक्कडवदु। सरल … Read more