यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग ४१
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग ४० तिरुमञ्जनमप्पा कि पुत्री श्रीवरवरमुनि स्वामीजी के शरण हुई एक प्रात: काल जब जीयर् अपने दिव्य स्नान हेतु कावेरी नदी कि ओर जा रहे थे तब अचानक ज़ोर से वर्षा होने लगी। इसलिये जीयर् राह में किसी के तिरुमाळिगै के बैठक में … Read more