यतीन्द्र प्रवण प्रभावम – भाग १२
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम << भाग ११ श्रीपिळ्ळैलोकाचार्य स्वामीजी का वैभव श्रीपिळ्ळैलोकाचार्य स्वामीजी के ऐसे वैभव थे कि उनको श्रीशठकोप स्वामीजी का अपरावतार माना गया हैं। उनके अनुज श्रीअऴगियमणवाळपेरुमळ् नायनार् उनके कृपा के नीचे बड़े हुए। दोनों भाई साथ में बड़े हुए। वें दोनों साथ बड़े हुए … Read more