यतीन्द्र प्रवण प्रभावम – भाग १८
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम << भाग १७ श्रीशैलेश स्वामीजी का वैभव श्रीपिळ्ळैलोकाचार्य स्वामीजी के परमपद प्रस्थान के पश्चात श्रीशैलेश स्वामीजी कि माताजी जो श्रीपिळ्ळैलोकाचार्य स्वामीजी कि शिष्या भी थी उनके वियोग को सहन न कर सकी और उन्होंने भी परमपद कि ओर प्रस्थान किया। श्रीशैलेश स्वामीजी अपनी मामी … Read more