तत्व त्रय- अचित- माया क्या है?
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद वरवरमुनये नमः श्री वानाचल महामुनये नमः तत्व त्रय इस लेख को चित्रों के माध्यम से इस लिंक पर देखा जा सकता है- https://docs.google.com/presentation/d/188gzTl_qZKtyIxiwKguIjBSkxH-9t9zUw_U98YJGbkk/present#slide=id.p पिछले अंक में ( https://granthams.koyil.org/2016/07/07/thathva-thrayam-chith-who-am-i/), हमने चित तत्व (जीवात्मा) का स्वरुप देखा। श्रीपिल्लै लोकाचार्य के दिव्य ग्रंथ और उस पर श्रीवरवरमुनि स्वामीजी के सुंदर व्याख्यान … Read more