यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग १०८
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग १०७ श्रीमद उभयवेदान्ताचार्य काञ्चीपुरम् के श्रीप्रतिवादि भयङ्करम् अण्णङगराचार्य द्वारा दी गई व्याख्या यह श्लोक श्रीशैलेश दयापात्रम् कृपाकर श्रीरङ्गनाथ भगवान ने रचा हैं। हम यह पुष्टि करेंगे कि यह भगवान कि वाणी हैं। यह श्रीरङ्गनाथ भगवान हीं थे जिन्होंने श्रीराम और श्रीकृष्ण के … Read more