तिरुप्पावै अनुभव – तिरुप्पावै – अर्थपञ्चकम्
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः पराम्बा माँ गोदाम्बाजी (आण्डाळ् देवी) द्वारा रचित तिरुप्पावै उभय वेदांत का सार है| इस तिरुप्पावै के गूढ़ रहस्यार्थ को आत्मसात करने पर , परमपद प्राप्ति में आने वाली सारी बाधाएं , अड़चने ,स्वयमेव समाप्त हो जाती है| परमपद का मार्ग सुगम और सुलभ हो जाता है| … Read more