श्रीवचन भूषण – सूत्रं १३९
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्रीवानाचल महामुनये नम: पूरी श्रृंखला << पूर्व अवतारिका जब पूछा गया कि “क्या भगवान के सुलभता से संतुष्ट होने के लिए कोई प्रमाण (शास्त्रों में प्रमाण) है?” तो श्रीपिळ्ळै लोकाचार्य स्वामीजी ने तदपश्चात समझाया। सूत्रं – १३९ “पत्रं पुष्पम्”, “अन्यत् पूर्णात्”, “पुरिवदुवुम् पुगै पूवे” सरल अनुवाद श्रीभगवद्गीता … Read more