श्रीवचन भूषण – सूत्रं ४१
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्रीवानाचल महामुनये नम: पूरी श्रृंखला << पूर्व अवतारिका सूत्र २३ “प्रपत्तिक्कु देश नियममुम्” से प्रारम्भ होकर यहाँ तक, स्थान, समय आदि द्वारा प्रतिबंध की कमी और प्रपत्ती के लक्ष्य के आधार पर प्रतिबंध जो कि उपाय वरण (पूर्व में देखा कि भगवान, उपाय (साधन) होते हुए उनको … Read more