यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग ३८
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग ३७ श्रीवरवरमुनि स्वामीजी श्रीकिडाम्बि नायनार से श्रीभाष्यम् पर व्याख्या को श्रवण किया वहाँ काञ्चीपुरम् में उन्होंने श्रीकिडाम्बि नायनार् जो श्रीकिडाम्बि आच्चान् [वो जिन्हें श्रीगोष्ठीपूर्ण स्वामीजी ने श्रीरामानुज स्वामीजी के लिये प्रसाद बनाने के कैङ्कर्य के लिये नियुक्त किया] के वंशज से हैं … Read more