यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग ९९
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग ९८ श्रीवरवरमुनि स्वामीजी का अंतिम संस्कार तत्पश्चात उनके अन्त्येष्टि क्रिया करने के लिये उनके प्रमुख शिष्य और परमज्ञानी पौत्र जीयर् नायनार् कावेरी नदी में स्नान तथा ऊर्ध्वपुण्ड्र तिलक धारण किया। फिर उन्होंने चांदी के घड़े में श्रीवरवरमुनि स्वामीजी के तिरुमञ्जन के लिये … Read more