यतीन्द्र प्रवण प्रभावम – भाग ६
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम << भाग ५ श्रीकलिवैरिदास स्वामीजी की दो पत्नीयाँ थी। पहिली पत्नी एक दिन प्रसाद बनाती थी और दूसरे दिन दूसरी पत्नी। जब ऐसे हीं प्रतिदिन चल रहा था तब श्रीकलिवैरिदास स्वामीजी ने अपनी पहिली पत्नी को बुलाकर कहा “आप मेरे विषय में अपने … Read more