यतीन्द्र प्रवण प्रभावम – भाग ९
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम << भाग ८ श्रीपेरियवाच्चान पिळ्ळै स्वामीजी का वैभव श्रीकलिवैरिदास स्वामीजी तिरुनाडु (श्रीवैकुंठ) को प्राप्त करने के पश्चात श्रीपेरियवाच्चान पिळ्ळै स्वामीजी ने इस सम्प्रदाय (श्रीवैष्णव तत्त्व) कि बाग डोर को अपने हाथ में लियें और श्रीकलिवैरिदास स्वामीजी के सभी शिष्यों को एकत्रित किया। श्रीनडुविल् … Read more