आल्वार तिरुनगरी वैभव – सन्निधी
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचल महामुनये नम: आल्वार तिरुनगरी वैभव << श्रीवरवरमुनि स्वामीजी का इतिहास और वैभव यहा हम आदिनाथ भगवान के मन्दिर के अंदर की सन्निधि (पवित्र तीर्थ), परिक्रमा मार्ग आनेवाली सन्निधी, मंदिर के बाहर की सन्निधि, मठ और तिरुमाली को जानेंगे। आदिनाथ भगवान के मन्दिर के भीतर की … Read more