श्रीवचन भूषण – सूत्रं २१०

श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचल महामुनये नम:

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अवतारिका

श्रीपिळ्ळै लोकाचार्य स्वामीजी यह प्रश्न उठाते हैं कि “जब ऊँचे और नीचे कुल में जन्मे लोग भगवान से जुड़े होते हैं, तो ‘भागवत’ होने के नाते वे समान होते हैं; तो भी, क्या ऊँचे कुल में जन्मा व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की तुलना में अधिक विशिष्ट नहीं होता?” यहाँ ऊँचे कुल में जन्मे व्यक्ति पर विशेष बल दिया गया है।

सूत्रं – २१०

भगवत्‌ सम्बन्धम्‌ उण्डानाल्‌ इरण्डुम्‌ ऒक्कुमो ऎनिल्‌?

सरल अनुवाद

जब उच्च और निम्न—दोनों प्रकार के जन्मों में भगवान से जुड़ाव होता है तो क्या वे एक ही स्तर पर होते हैं?

व्याख्या

भगवत्‌ सम्बन्धम्‌ उण्डानाल्‌ इरण्डुम्‌ ऒक्कुमो ऎनिल्‌ ?

इरण्डुम्‌

यहाँ उच्च और निम्न जन्मों की बात की गई है।

अडियेन् केशव रामानुज दास

आधार – https://granthams.koyil.org/2021/09/04/srivachana-bhushanam-suthram-210-english/

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