श्री रामायण तनि श्लोकम् – ४ – बाल काण्ड १९.१४ – अहं वेद्मि – भाग ३
श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री रंगदेशिकाय नमः पूरी श्रृंखला << परिचय अहं वेद्मि महात्मानं रामं सत्यपराक्रमम् ।वसिष्ठोऽपि महातेजा ये चेमे तपसि स्थिताः ।। १.१९.१४ ।। ऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ के पास जाते हैं और उनसे अपने यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम और लक्ष्मण को उनके साथ भेजने का अनुरोध करते हैं। राजा दशरथ को … Read more