आचार्य हृदयम् – २७
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः श्रीवानाचलमहामुनये नमः श्रृंखला << आचार्य हृदयम् – २६ अवतारिका (परिचय) इन दोनों (कर्म, कैङ्कर्य) के लिए प्रेरक यहाँ बताए गए हैं। चूर्णिका – २७ इवट्रुक्कु विधिराङ्गळ् प्रेरङ्गळ्। सरल व्याख्या नियम और इच्छा इनके लिए प्रेरक हैं। व्याख्यान (टीका) अर्थात – शास्त्र के नियम जैसे कि यजुर्वेद “यजेत” (यज्ञ करना … Read more