श्रीवचन भूषण – सूत्रं ९३
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्रीवानाचल महामुनये नम: पूरी श्रृंखला << पूर्व अवतारिका यह समझाने के पश्चात कि मडल् आदि कर्म सिद्धोपाय (भगवान ही इसके स्थापित साधन हैं) के लिए बाधा नहीं हैं, श्रीपिळ्ळै लोकाचार्य स्वामीजी कृपापूर्वक समझाते हैं कि ये सिद्धोपाय के समतुल्य हैं। सूत्रं – ९३ साध्य समानम्, विळम्बासहम् ऎन्ऱिऱे … Read more