यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग २५
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग २४ अऴगियमणवाळप्पेरुमाळ् श्रीशैलेश स्वामीजी का आश्रयण लेना तिगऴक्किडन्दान् तिरुनावीऱुडयपिरान् तादरण्णर् को अपना दिव्य पुत्र अऴगियमणवाळप्पेरुमाळ् नायनार् प्राप्त हुआ और समय रहते उनका विवाह करवाया। उन्होंने उन्हें दिव्य प्रबन्ध, रहस्य (गूढ़ार्थ विषय), आदि सिखाया। नायनार् भी अपने पिता द्वारा प्राप्त लाभ से कार्य … Read more