श्रीवैष्णव तिरुवाराधन प्राक्कथन
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः तिरुवाराधन भगवान श्रीमन्नारायण अपनी निर्हेतुक कृपा से मंदिर, मठ, तिरुमाली में अर्चाविग्रह के रूप में अवतरित होते हैं। अर्चावतार तो भगवान की कृपा का अति उत्तम प्रकाशन है। विशेष रूप से हमारे तिरुमाली में विराजमान भगवान ही अति सुलभ हैं और उनकी … Read more