यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग २६
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग २५ श्रीशैलेश स्वामीजी ने श्रीवरवरमुनि स्वामीजी को उडयवर् के दिव्य चरणों में संलग्न करना पिळ्ळै (इसके बाद तिरुवाय्मोऴिप्पिळ्ळै (श्रीशैलेश स्वामीजी) को पिळ्ळै कहकर संभोधित करेंगे और अऴगियमणवाळप्पेरुमाळ नायनार् (यानि अपने पूर्वाश्रम में श्रीवरवरमुनि स्वामीजी) को नायनार् कहकर स्ंभोधित करेंगे) खुशी से नायनार् … Read more