यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् – भाग ४३
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः यतीन्द्र प्रवण प्रभावम् << भाग ४२ कन्दाडै अण्णन् का स्वप्न एक श्रीवैष्णव सीढ़ी से ऊपर से नीचे आये और उसके साथ लाये एक कोड़े से कन्दाडै अण्णन् पर बरसे। हालाकि अण्णन् में उनके दण्ड को रोखने कि क्षमता थी पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने यह विचार … Read more