आचार्य हृदयम् – २९
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः श्रीवानाचलमहामुनये नमः श्रृंखला << आचार्य हृदयम् – २८ अवतारिका (परिचय) इनके लक्ष्य यहाँ समझाए किए गए हैं। चूर्णिका -२९ अरुळ् मुडिय निऱुत्ति अडैय निन्ऱदुम् नल्लदोररुळ् तन्नाले नन्ऱुम् ऎळियनागिऱदुम् विषयम्। सरल व्याख्या कर्म का विषय है देवताएँ जो ईश्वर द्वारा नियुक्त किए गए हैं और जिनमें अंतर्यामी रूप में भगवान … Read more