श्री शठकोप स्वामी (नम्माऴ्वार्) के दिव्य नाम – माऱन्, नावीरर्
श्रीः। श्रीमते शठकोपाय नमः। श्रीमते रामानुजाय नमः। श्रीमद्वरवरमुनये नमः। पूरी श्रृंखला << पूर्व ३. माऱन् माऱन् एक तमिऴ् नाम है। माऱन् का अर्थ है, वह व्यक्ति जो सामान्य लोगों से पूर्णतः भिन्न और विलक्षण हो। श्री शठकोप स्वामी (नम्माऴ्वार्) का सम्पूर्ण जीवन सांसारिक एवं विषयासक्त लोगों से सर्वथा भिन्न था। एवं विषयासक्त लोगों से पूर्णतः … Read more